खांसी के घरेलु उपाए और नुस्खे

खांसी के घरेलु उपाए – Herbal Home Remedies For

Cough

बदलते मौसम का बॉडी पर अटैक सबसे पहले खांसी के रूप में सामने आता है। सूखी खांसी जहां गले के दर्द का कारण तो वहीं कफ वाली खांसी सांस की परेशानियों की कारण बन सकती है। कफ सिरफ लेना भले ही इसका असरदार इलाज हो सकता है लेकिन हेल्थ के लिए सही नहीं। इसके लिए पहले घरेलू नुस्खे अपनाएं |

बदलते मौसम का बॉडी पर अटैक सबसे पहले खांसी के रूप में सामने आता है। सूखी खांसी जहां गले के दर्द का कारण तो वहीं कफ वाली खांसी सांस की परेशानियों की कारण बन सकती है। कफ सिरफ लेना भले ही इसका असरदार इलाज हो सकता है लेकिन हेल्थ के लिए सही नहीं। इसके लिए पहले घरेलू नुस्खे अपनाएं |

 

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खांसी के लक्षण (Symptoms of Cough in Hindi)

  • यदि किसी व्यक्ति को खांसी की शिकायत होते है तो वह व्यक्ति हर वक्त खांसते रहते है जो खांसी के मुख्य लक्षण होते हैं |
  • यदि किसी व्यक्ति को खांसी हो जाये तो उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगते है |
  • कभी कभी खांसी के वजह से तेज़ बुखार भी आ जाता है |
  • यदि किसी व्यक्ति के गले या फेफड़े में जलन महसूस हो तो खांसी के ही लक्षण माने जाते हैं |
  • कभी कभी खांसी के कारण सर में हर समय दर्द महसूस होता है |

खांसी के कारण (Cause of Cough In Hindi)

  • खांसी बदलते मौसम के कारण भी हो सकती है|
  • कभी कभी खांसी इन्फेक्शन के कारण हो जाती है इन्फेक्शन धूल के कारण हो सकते है या मौसम बदलने के कारण भी हो सकते है |
  • खांसी अधिक धूम्रपान के सेवन से भी हो सकते है |
  • खांसी ठण्ड लगने या पानी में भीगने से भी हो सकती है |
  • अस्थमा के रोगी को खांसी की शिकायत मौसम बदलने से भी हो सकती है |

खांसी के रोकथाम के घरेलु उपाए (Home Remedies For Cough)

अदरक
अदरक के टुकड़ों को शहद के साथ मिलाकर चबाएं। इसके अलावा अदरक का जूस निकालकर उसमें शहद की कुछ बूंदे मिलाकर पीना भी बहुत ही फायदेमंद रहेगा।
शहद
सिर्फ शहद चाटना भी खांसी दूर करने का कारगर फॉर्मूला है। रात को सोने से पहले 1 चम्मच शहद पिएं। इसकी एंटी-बैक्टीरियल तत्व खांसी से जल्द राहत दिलाता है।
मुलैठी की चाय  पियें
 मुलैठी की जड़ आपके श्वासतंत्र को राहत पहुंचाती है, सूजन को कम करने और म्यूकस को ढीला करने में भी मदद करती है | इसे बनाने के लिए, दो बड़ी चम्मच मुलैठी की सूखी जड़ को एक मग में रखें और इस मग में 8 औंस उबलता हुआ पानी डालें | 10-15 मिनट तक भाप लगने दें | दिन में दो बार प्रतिदिन पियें |
थाइम की चाय का उपयोग करें: श्वसन सम्बन्धी बीमारियों के लिए कुछ देशों में थाइम का उपयोग किया जाता है जैसे, जर्मनी में | थाइम गले की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने और सूजन को कम करने में मदद करती है | एक कप पानी को उबालकर रखें और उसमे पिसी हुई थाइम मिलाकर 10 मिनट के लिए रखें | पीने के पहले छान लें |
एक ठोस कैंडी के टुकड़े का मज़ा लें: अगर आपके पास कोई कफ़ ड्रॉप्स नहीं है या आप मेडिकेटिड लोज़ेन्जेस  से दूर रहना पसंद करते हैं तो सामान्यतः आप एक कैंडी के टुकड़े को चूसकर खांसी को बंद कर सकते हैं और गले में राहत अनुभव कर सकते हैं |
हल्दी का उपयोग करें: हल्दी एक परंपरागत खांसी की औषधि है जिसे खांसी में प्रयोग करने पर कई लोगों ने असरदार पाया है | एक गिलास गर्म दूध में आधी छोटी चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर प्रयोग करें | आप सूखी खांसी के लिए हल्दी पाउडर में एक छोटी चम्मच शहद मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं | हल्दी की चाय बनाने के लिए, 4 कप उबलते हुए पानी में एक बड़ी चम्मच हल्दी पाउडर डालें | भाप में पकने दें | अब, अतिरिक्त रूप से खांसी में राहत पहुंचाने वाले गुणों के लिए थोड़ी शहद और नीम्बू मिलाएं |
नीम्बू के रस में अदरक और पिपरमिंट डालकर घोलें: अदरक म्यूकस को ढीला करने में मदद करता है | अदरक और पिपरमिंट एकसाथ मिलकर आपके गले के पिछले हिस्से में होने वाली उत्तेजना को दबा सकते हैं जो खांसी का ट्रिगर होती है | इस मिश्रण को अधिक असरदार बनाने के लिए इसमें शहद मिलाएं |
एस्सेंसिअल आयल का उपयोग करें: एस्सेंसिअल आयल को पानी में डाल कर भाप के साथ आप आयल को सांस द्वारा अंदर ले सकते हैं और उसके लाभ ग्रहण कर सकते हैं | टी ट्री आयल (tea tree oil) और यूकेलिप्टस आयल दोनों को ही वायुछिद्रों को राहत देने और उन्हें खोलने के रूप में जाना जाता है | इनमे एंटी–वायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं |
नमक के पानी से गरारे करें: नमक के पानी का उपयोग गले की खराश में राहत पाने के लिए किया जाता है, लेकिन यह सूजन कम करके और बलगम को ढीला करके खांसी में भी मदद कर सकता है | 8 औंस गर्म पानी में ¼ से ½ छोटी चम्मच नमक मिलाएं, पूरी तरह से घोलें और अब 15 सेकंड तक गरारे करें | गरारे के पानी को थूंक दें और पूरा पानी खत्म होने तक दोहराएँ |

खांसी से राहत दिलाने वाले 5 काढ़े

सौंफ और शहद का काढ़ा

सौंफ गले की तमाम परेशानियों को ठीक करने के लिए और पाचन को दुरुस्त करने के लिए हमेशा से प्रयोग की जाती रही है। सौंफ का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक ग्लास पानी को उबालने के लिए रख दें। जब ये उबलने लगे तो इसमें एक चम्मच सौंफ, आधा चम्मच अदरक और एक चम्मच शहद डालकर इसे खूब पका लें। जब ये काढ़ा आधे ग्लास के लगभग बचे तो इसे आंच से उतार लें और फिर गुनगुना करके इसे पियें। इससे खांसी और गले में खराश से तुरंत राहत मिलती है।

अजवायन का काढ़ा

अजवायन की तासीर गर्म होती है और इसे खाने से सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां नहीं होती हैं। अजवायन का काढ़ा बनाने के लिए एक गिलास पानी उबलने के लिए रख दें। जब इसमें उबाल आने लगे तो थोड़ा सा गुड़ डाल दें और एक चम्मच अजवायन डाल दें। अब इसे इतना पकाएं कि काढ़ा लगभग आधा ग्लास बचे। इस काढ़े को छानकर गुनगुना कर लें और पियें। ये काढ़ा खांसी को एक दिन में ठीक करेगा और इससे आपको पेट की समस्या से भी राहत मिलती है।

तुलसी अदरक काढ़ा

तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं इसलिए ये सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार सबमें फायदेमंद है। इसका काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच कटी हुई अदरक डालें। अब इसमें दो-तीन काली मिर्च पीसकर डालें और फिर तुलसी की 5-6 पत्तियां डाल दें। इसे उबालकर छान लें और गुनगुना ही पियें। सुबह-शाम दो बार पीने से आपकी खांसी ठीक हो जाएगी|

मुलेठी और गुड़ का काढ़ा

गुड़ सर्दियों में सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है और मुलेठी कफ को खत्म करती है। इसलिए गुड़ और मुलेठी का काढ़ा खांसी के लिए तो अच्छा है ही, साथ में अगर आपके गले में खराश है तो ये काढ़ा उसे भी ठीक कर देता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले पानी में एक चम्मच कटी हुई अदरक और दो चम्मच कटी हुई मुलेठी डालकर इसे गैस पर चढ़ा दें। थोड़ी देर बाद इसमें गुड़ डालकर इसे उबाल लें। अब इस काढ़े को गुनगुना करके पियें।

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चाय और हल्दी का काढ़ा

हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं इसलिए ये काढ़ा खांसी के बैक्टीरिया को मारता है और आपको खांसी से राहत दिलाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक ग्लास पानी में थोड़ी सी चायपत्ती डाल दें। फिर इसमें एक चम्मच अदरक के कटे हुए टुकड़े और आधा चम्मच हल्दी पाउडर डाल दें। अब इसे गैस पर थोड़ी देर पकने दें। जब ये काढ़ा आधा ग्लास के लगभग बचे तो इसे उतार लें। अब गुनगुना हो जाने के बाद इस काढ़े को पियें, खांसी से तुरंत राहत मिलेगी।

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