सफ़ेद दागों का कैसे घर पर ही उपचार करें

सफ़ेद दाग (White Spots)

सफ़ेद दाग के रोग में चमड़ी के ऊपर का भाग सफ़ेद हो जाता है जिसे सफ़ेद दाग या श्वेत कुष्ठ कहते हैं | इस रोग में शरीर में कही दर्द नहीं होता है और न ही यह फैलने वाला रोग है |

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कारण

आयुर्वेद के मुताबिक सफ़ेद दाग ज्यादातर उन लोगों को होता है,जो परस्पर विरूद्ध वाले भोजन करते हैं जैसे दूध के ऊपर मछली खाना | इसके अलावा डकार,छींक,उलटी,शौच,मूत्र आदि को जाने से रोकने के कारण भी ये रोग हो जाता है | ज्यादातर धूप में काम करने से,भोजन करने के बाद कसरत करने से ,खट्टी और ज्यादा गर्म चीज़ खाने से भी यह रोग होता है |

गैस,पित्त या बलगम खराब होकर शरीर में खू,चर्बी या मांस का रूप बिगाड़ देते हैं| यह रोग पहले किसी को हुआ हो तो भी हो जाता है | शरीर में उपदंश या नाड़ी की खराबी के कारण भी शरीर पर सफ़ेद दाग हो जाते हैं |

लक्षण

सफ़ेद दाग के रोग में सबसे पहले शरीर पर काले धब्बे बन जाते हैं | फिर त्वचा में जलन और खुजली मचने लगती है और त्वचा बिलकुल सुन्न हो जाती है और फिर कुछ समय  शरीर पर जगह जगह सफ़ेद दाग दिखाई देने लगते हैं | शुरुआत में यह दाग हाथों,कोहनी,चेहरा,घुटने ,पैर और जो अंग दबाने में ग्रस्त होते हैं जैसे कमर में नाडा बांधने की जगह आदि स्थानों पर हो जाते हैं | धीरे धीरे यह दाग एक दूसरे से मिलते हुए पूरे शरीर पर फ़ैल जाते हैं |

इन दागों में किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता | इसलिए जब यह छोटा सा दाग होता है,तो रोगी इसकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देता | जब उँगलियों,हथेली,पैरों के तलवे पर,होंठों पर यह सफ़ेद दाग हो जाते हैं तो इनको ठीक कराने में बहुत ज्यादा समय लगता है तथा शरीर के सारे अंग सफ़ेद होने पर इस रोग के ठीक होने की संभावना बहुत ही कम रहती है | यह रोग वैसे तो छूत का नहीं होता है पर अक्सर लोग इस रोग के रोगी को अजीब तरह से देखते हैं |

भोजन और परहेज़

सफ़ेद दाग के रोग में भोजन हमेशा ताज़ा और शाकाहारी  करना चाहिए |

सफ़ेद दाग से पीड़ित रोगी को त्रिफला के पानी में भिगोये हुए अंकुरित चने,पला,गाजर ,परवल,बथुआ,चोकर के आते की रोटी,कैल्शियम और विटामिन डी वाली चीज़ों का सेवन करना चाहिए और शरीर में सूरज की किरणों को लगाना चाहिए |

रोगी को जिस भोजन को खाकर ठंडक मिले वही भोजन करना चाहिए |

सफ़ेद दाग के रोग में भोजन में खट्टे पदार्थ,तेल और लालमिर्च और गर्ममसालों का सेवन बंद कर देना चाहिए और नमक भी कम खाना चाहिए |

सफ़ेद दाग के रोग में मांस बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए |

सफ़ेद दाग से ग्रस्त रोगी को मीठी चीज़ों का सेवन कम करना चाहिए |

विभिन्न औषधियों से उपचार

1.काली मिर्च 

थोड़ी सी पीसी हुई काली मिर्च को सिरके में मिलाकर त्वचा पर लगाने से सफ़ेद दाग मिट जाते हैं |

2.सेंधा नमक 

1 चुटकी सेंधा नमक और 6 ग्राम बावची को मिलाकर पानी के साथ खाने से सफ़ेद दाग दूर हो जाते हैं |

3.लहसुन 

हरड़ को घिसकर लहसुन के रस में मिलाकर लेप करने से सफ़ेद दाग ठीक हो जाते है | लहसुन को खाने से भी सफ़ेद दाग ठीक हो जाते हैं |

सफ़ेद दाग के रोग में लहसुन जरूर खाने चाहिए | लहसुन के रस को निकालकर लगाने से सफ़ेद दाग जल्दी ठीक हो जाते हैं |

लहसुन का रस त्वचा के सफ़ेद दागों पर लगाने से लाभ होता है |

4.केला 

केले के पत्तों को जलाकर बिलकुल राख बना लें | अब इसमें थोड़ा सा मुर्दा शंख को पीसकर मिला लें | दोनों को तिल्ली के तेल में मिलाकर लगाने से सफ़ेद दाग ठीक हो जाते हैं |

5.चूना 

1 चम्मच चूना और 5 ग्राम हरताल को एक साथ पीसकर नींबू के रस में मिलाकर लगभग 2 महीने तक सफ़ेद दागों पर लगाने से लाभ होता है |

6.अंजीर 

अंजीर के कच्चे फलों से दूध निकालकर सफ़ेद दागों पर लगाकर 4 महीने तक लगाने से सफ़ेद दाग मिट जाते हैं |

अंजीर को घिसकर नींबू के रस में मिलाकर सफ़ेद दाग पर लगाने से लाभ होता है |

अंजीर के पत्तों का रस सफ़ेद दाग पर सुबह और शाम लगाने से लाभ होता है |

7.उड़द 

काले उड़द को पीसकर सफ़ेद दागों पर दिन में 3-4 बार लगाने से सफ़ेद दागों का रंग वापस शरीर के बाकी रंग की तरह होने लगता है |

उड़द को पानी में भिगोकर और पीसकर सफ़ेद दागों पर लगातर 4 महीने तक लेप करने से सफ़ेद दाग मिट जाते हैं |

8.तुलसी 

तुलसी के पौधे की जड़ और तने को साफ़ करके छोटे छोटे टुकड़े कर लें | फिर इसे आधा किलो शुद्ध तिल के तेल में डालकर आग पर अच्छी तरह से पका लें और छानकर एक शीशी में भर लें | इस तेल को दिन में 3-4 बार रुई के फाये से लगाने से सफ़ेद दाग ठीक हो जाते हैं |

1 तुलसी का ताज़ा हरा पौधा जड़ के साथ लेकर धोकर साफ़ कर लें | फिर इसे पीसकर आधा किलो पानी और 500 मिली लीटर तेल में मिलाकर हल्की हल्की आग पर पकाने के लिए रख दें | जब पकते हुए पानी जल जाए और बस तेल बाकी रह जाये तो इसे निकलकर छान लें | यह तुलसी का तेल बन गया | इस तेल को सफ़ेद दागों पर लगाने से लाभ होता है |

काली तुलसी के रस में थोड़ी सी गोलमिर्च मिलाकर रोज़ाना दो बार सेवन करने से सफ़ेद दाग में लाभ मिलता है |

9.नीम 

नीम के तेल में चालमोगरे का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर शीशी में भरकर रख लें | इस तेल को सफ़ेद दागों में लगाने और 5 से 6 बुँदे बताशे में डालकर खाने से सफ़ेद दाग में लाभ मिलता है |

नीम की पत्तियों और फूलों को पानी में पीसकर सफ़ेद दागों पर लगाने से लाभ मिलता है |

5 नीम के ताज़े कोमल पत्ते और 10 ग्राम हरे आंवला को पीसकर 50 मिली लीटर पानी में मिलाकर और छानकर पीने से सफ़ेद दाग ठीक हो जाते है |

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10.हल्दी 

10-10 ग्राम हल्दी,शीतलचीनी,सोना गेरू,बावची और नीम की छाल को लेकर सुखाकर पीस लें | इसमें से 10 ग्राम चूर्ण को शीशे के बर्तन में कम से कम 6 घंटे तक भिगोकर रखें | फिर इसे छानकर इसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर पी जाएँ |  इसके अंदर बची हुयी बाकी चीज़ों का लेप बनाकर सफ़ेद दागो पर लगाएं | यह क्रिया कम से कम 2 महीने तक करें |

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