ठण्ड से होंठ फटने के उपचार

होंठ फटना

परिचय

वायुमंडल में नमी कमी होने के कारण कभी कभी होंठ फटने लगते हैं जिससे काफी तकलीफ महसूस होती है | यह परेशानी कभी कभी शीतपित्त दोष से होती है | इसलिए इसकी चिकित्सा में शीत  पित्त को उन्मूलित करने वाली औषधियों को भी ध्यान में रखना चाहिए |

Image result for honth fatne ke upay

कुछ लोगों को होंठ फटने की दिक्कत हमेशा होती रहती है। इसके कारण बार बार जीभ से होंठ गीला करने की इच्छा होती है पर ऐसा करने से कुछ मिनटों के लिए ठीक लगता है फिर परेशानी होने लगती है। आइये जाने इस परेशानी की कारण और होंठ फटने से बचने के उपाय तथा घरेलु नुस्खे।

होठो का बचाव नहीं करना

होठो का तेज हवा से और धूप से बचाव बहुत जरुरी होता है। कई बार चेहरे पर तो सनस्क्रीन या लोशन आदि लगा लिए जाते है , लेकिन होठों पर कुछ नहीं लगाया जाता। होठों पर ना तो सिबेशस ग्रंथियां होती है , और ना ही हेयर फॉलीकल होते है । इस वजह से सामान्य त्वचा की तरह इनको नमी नहीं मिल पाती।

इसके अलावा होठो की त्वचा में दूसरी त्वचा की तरह मेलेनिन भी  नहीं होता , जिस पर त्वचा का रंग निर्भर करता है। मेलेनिन त्वचा को धूप की हानिकारक अल्ट्रा वॉइलेट किरणों से बचाता है।

होठों पर मेलेनिन नहीं होने के कारण यहाँ की त्वचा के अल्ट्रा वॉइलेट किरणों से नुकसान की अधिक संभावना होती है। अतः जरुरत के अनुसार होठों का बचाव किया जाना जरुरी होता है।

होठ चाटना , चबाना या काटना

होठ जब भी थोड़े सूखे महसूस होते है तो उन्हें चाट कर गीला करने की इच्छा होने लगती है। होठों पर जीभ फिराने के कुछ मिनट बाद ही वापस होठ सूखे महसूस होने लगते है। फिर उन्हें नम करने की इच्छा होती है।

फिर से ऐसा करना पड़ता है और यह लगातार चलता रहता है। परंतु इससे समस्या कम नहीं होती बल्कि ज्यादा बढ़ जाती है। इससे होठ ज्यादा सूखने लगते है।

होठो पर एक सूखी परत सी बन जाती है। इस परत को कुछ लोग दांत से काट कर निकलने की कोशिश करने लगते है। कुछ लोगों की आदत होती है वे बार बार होठो को दांतों से हल्का हल्का चबाते रहते है। ये सभी हरकतें होठो के लिए नुकसान देह होती है।

होंठ के ऊपर जीभ फिराने से लार की एक परत बन जाती है। लार में एमिलेज़ और माल्टीज़ नामक पाचक एंजाइम होते है। ये एंजाइम होठो  की पतली और नाजुक परत को नुकसान पहुंचाते है।

मुंह से साँस लेना

मुंह से साँस लेना कभी मजबूरी  होती है तो कभी आदत। जुकाम लगने पर नाक बंद  हो जाती है ऐसे में मुंह से सांस लेने में आती है। छोटे बच्चों के साथ अक्सर ऐसा होता है।

इसके अलावा जो लोग खर्राटे  ज्यादा लेते है उनका मुंह खुला रहता है और वे साँस मुंह से लेते है। बार बार साँस की हवा का होठो पर से गुजरना होठो की नमी छीन लेता है और होठ सूख कर फटने लगते है।

इसलिए ज्यादा खर्राटे लेने वाले लोगों के होठ सूखे हुए रहते है। अतः ऐसी समस्याओं का इलाज जल्द कर लेना चाहिए। कभी कभी मुंह से साँस लेने की आदत सी हो जाती है इसे तुरंत छोड़ना चाहिए।

पानी की कमी

यदि शरीर में पानी की कमी होती है तो इसका असर होठों पर तुरंत नजर आता है। पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने पर होंठ सूख जाते है। ऐसे में हवा से या धूप से होठों का सूखापन और बढ़ सकता है। गर्मी के मौसम में पानी कम पीने के कारण होठ सूख कर फट सकते है। अतः पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए।

एलर्जी

कभी कभी मल्टी विटामिन के कुछ तत्व की एलर्जी के कारण होंठ सूखने की परेशानी पैदा हो सकती है। लिपस्टिक के कुछ तत्व एलर्जी पैदा कर सकते है।

इसी तरह खाने पीने के किसी विशेष वस्तु से या खाने में डाले जाने वाले रंग से एलर्जी के कारण होंठ सूख सकते है। ऐसे में इनका प्रयोग नहीं करना ही उचित होता है। यदि समस्या ज्यादा हो तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

होंठ फटने पर घरेलु नुस्खे और उपचार

  • अगर सुबह और रात को सोते समय नाभि में गुनगुना सरसों का तेल लगाया जाए तो इस आसान से उपाय से होंठों को फिर से मुलायम बनाया जा सकता है।
  • सर्दी में फटे होंठों पर दूध की मलाई में बारीक हल्दी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम हल्के हाथ से मालिश करने से फटे होंठ सही हो जाते हैं।
  • फटे और काले होंठों को सही करने के लिए, गुलाब की ताज़ा पत्तियों को पीसकर इसमें ग्लिसरीन मिलाएं और रोज़ाना लिपस्टिक लगाने की बजाए होंठों पर इसका इस्तेमाल करें। ऐसा करने से फटे होंठ सही भी हो जायेंगे और गुलाबी हो जाने से उनकी खूबसूरती भी बढ़ेगी।
  • छाछ से निकलने वाले मक्खन में अगर केसर मिलाकर होंठो पर लगाएं तो होंठ गुलाबी और मुलायम हो जाते हैं।
  • अगर रोज़ सुबह-शाम बादाम का तेल होंठो पर लगाया जाए तो होंठों का फटना ठीक हो जाता है और होंठ नरम होने लगते हैं।
  • सरसों के तेल में हल्दी पाउडर मिलाकर, सुबह-शाम होंठों और नाभि पर लगाया जाये तो होंठ फटने बंद हो जाते हैं।
  • घी में थोड़ा सा नमक मिलाकर, होंठों और नाभि में सुबह-शाम लगाने से फटे होंठ सही हो जाते हैं।

उपाय

ऐलोवेरा: इसकी पत्ती काटने पर निकले रस की कुछ बूंदें होठों पर लगाएं।

शहद: होठों को नमीयुक्त बनाने के लिए शहद काफी कारगर उपाय है। फटे होठों पर दिन में 2-3 बार शहद लगाएं। थोड़ा-सा शहद रात को सोने से पहले अपने होठों पर लगाएं।

घी: दिन में किसी भी समय खासतौर पर रात को सोते समय घी की कुछ बूंदें अपनी उंगली से होठों पर लगाएं।

नींबू का रस और दूध क्रीम: एक छोटी कटोरी में नींबू के रस की 3-4 बूंदों के साथ एक चम्मच दूध क्रीम मिला कर फ्रिज में कुछ देर रखें। इसे होठों के आसपास लगाएं।

ताजा मक्खन: थोड़ा-सा ताजा मक्खन अपने होठों पर लगाकर धीरे-धीरे उंगली से मालिश करें।

ग्लिसरीन और गुलाब जल: कटोरी में एक चम्मच ग्लिसरीन में 5-6 बूंदें गुलाब जल मिला कर रात मे सोने से पहले लगाएं। गुलाब की पंखडियों को रात को ग्लिसरीन या दूध में भिगो कर रख दें। इसका गाढ़ा पेस्ट बना लें और होठों पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं। फिर पानी से धो लें।

ग्लिसरीन और शहद: एक चम्मच शहद में ग्लिसरीन की कुछ बूंदें मिलाएं। इसे होठों पर लगा कर 15 मिनट छोड़ दें। सामान्य पानी से धो लें। रात में सोने से पहले फिर थोड़ा-सी ग्लिसरीन होठों पर लगाएं।

Related Posts-

केस्टर ऑयल: केस्टर ऑयल, ग्लिसरीन की कुछ बूंदें और नीबू का रस मिला कर होठों पर लगाएं।

सरसों का तेल: सरसों के तेल की कुछ बूंदें भी आप अपने होठों पर लगा सकते हैं|

 

Leave a Comment